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विशेषण क्या है, इसके 5 प्रमुख भेद कौन-कौन से हैं? जानिए विशेषण की परिभाषा, उदाहरण, विशेष्य, प्रविशेषण और विशेषण की अवस्थाओं को आसान भाषा में।
हिंदी व्याकरण में विशेषण एक महत्वपूर्ण शब्द-भेद है। विशेषण की सहायता से हमें किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या प्राणी के गुण, दोष, रंग, आकार, संख्या, मात्रा या स्थिति के बारे में जानकारी मिलती है।
उदाहरण के लिए—
- सुंदर फूल
- मीठा आम
- लंबा पेड़
- पाँच किताबें
- थोड़ा पानी
इन उदाहरणों में सुंदर, मीठा, लंबा, पाँच और थोड़ा विशेषण हैं।
इस लेख में हम विशेषण की परिभाषा, विशेषण के भेद, उदाहरण, विशेष्य, प्रविशेषण और विशेषण की अवस्थाओं को आसान भाषा में समझेंगे।

विशेषण की परिभाषा
संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं।
दूसरे शब्दों में, जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, रूप, आकार, संख्या, मात्रा या अवस्था के बारे में जानकारी देते हैं, उन्हें विशेषण कहा जाता है।
उदाहरण
लंबा पेड़ बहुत सुंदर है।
इस वाक्य में—
- लंबा → पेड़ की विशेषता बता रहा है।
- सुंदर → पेड़ की विशेषता बता रहा है।
- पेड़ → विशेष्य है।
इसी प्रकार—
वह बुद्धिमान लड़का है।
इसमें बुद्धिमान शब्द लड़के की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह विशेषण है।
विशेषण के कुछ आसान उदाहरण
| वाक्य | विशेषण |
|---|---|
| यह सुंदर फूल है। | सुंदर |
| आम मीठा है। | मीठा |
| राम एक बुद्धिमान लड़का है। | बुद्धिमान |
| मेरे पास पाँच किताबें हैं। | पाँच |
| गिलास में थोड़ा पानी है। | थोड़ा |
| वह लाल रंग की कार है। | लाल |
| यह लंबी सड़क है। | लंबी |
विशेषण के भेद
हिंदी व्याकरण में विशेषण के प्रमुख भेद निम्नलिखित हैं—
- गुणवाचक विशेषण
- परिमाणवाचक विशेषण
- संख्यावाचक विशेषण
- सार्वनामिक या संकेतवाचक विशेषण
- व्यक्तिवाचक विशेषण
अब इन सभी को उदाहरण सहित समझते हैं।
1. गुणवाचक विशेषण
जो विशेषण किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, रूप, आकार, अवस्था, स्वाद, स्पर्श या ध्वनि आदि की विशेषता बताते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं।
उदाहरण
- अच्छा लड़का
- मीठा आम
- काला घोड़ा
- सुंदर फूल
- बुद्धिमान विद्यार्थी
- लाल गुलाब
- लंबी सड़क
इनमें अच्छा, मीठा, काला, सुंदर, बुद्धिमान, लाल और लंबी गुणवाचक विशेषण हैं।
गुणवाचक विशेषण के प्रमुख उदाहरण
गुण:
अच्छा, बुद्धिमान, समझदार, होशियार, साहसी, ईमानदार, कुशल
दोष:
बुरा, आलसी, मूर्ख, दुष्ट, बेईमान, कायर, घमंडी
रंग:
लाल, पीला, हरा, नीला, काला, सफेद, गुलाबी, भूरा
अवस्था:
स्वस्थ, बीमार, गरीब, अमीर, दुबला, मोटा, गीला, सूखा
आकार:
लंबा, चौड़ा, गोल, चपटा, सीधा, टेढ़ा, तिकोना
स्वाद:
मीठा, खट्टा, कड़वा, तीखा, फीका
स्पर्श:
कठोर, मुलायम, चिकना, खुरदरा, कोमल
ध्वनि:
मधुर, कर्कश, तीव्र, मंद, सुरीली
उदाहरण वाक्य
- समीर एक साहसी बालक है।
- श्वेता समझदार लड़की है।
- अंगुलिमाल एक क्रूर डाकू था।
- वह दुबला लड़का है।
- उसका शरीर सुडौल है।
- वह एक देशभक्त व्यक्ति था।
- नचिकेता चतुर बालक था।
- भारत के झंडे में केसरी, सफेद और हरा रंग है।
2. परिमाणवाचक विशेषण
जो विशेषण किसी वस्तु की मात्रा या माप-तौल का बोध कराते हैं, उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
परिमाणवाचक विशेषण का प्रयोग सामान्यतः ऐसी वस्तुओं के लिए किया जाता है जिन्हें सीधे गिना नहीं जा सकता, बल्कि उनका माप या परिमाण बताया जाता है।
इसके दो प्रमुख प्रकार माने जाते हैं—
(क) निश्चित परिमाणवाचक विशेषण
जिससे किसी वस्तु की निश्चित मात्रा या माप का पता चले, उसे निश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
जैसे—
- एक लीटर दूध
- पाँच मीटर कपड़ा
- दो किलो आम
- दस लीटर तेल
उदाहरण
- मुझे पाँच मीटर कपड़ा चाहिए।
- ग्वाला दस लीटर दूध लाया।
- दो किलो आम दे दो।
- उसने एक किलो मिठाई खरीदी।
(ख) अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण
जिससे किसी वस्तु की निश्चित मात्रा का पता न चले, उसे अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
जैसे—
- थोड़ा पानी
- बहुत दूध
- कम तेल
- अधिक अनाज
- कुछ चीनी
उदाहरण
- मुझे थोड़ा दूध देना।
- घर में बहुत अनाज है।
- इसमें कम चीनी डालना।
- पूजा के लिए अधिक दूध चाहिए।
3. संख्यावाचक विशेषण
जो विशेषण किसी संज्ञा या सर्वनाम की संख्या या क्रम का बोध कराते हैं, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।
जैसे—
- दो लड़के
- पाँच किताबें
- पहला स्थान
- दोनों भाई
- सातों विद्यार्थी
संख्यावाचक विशेषण के प्रमुख रूप इस प्रकार हैं—
(क) निश्चित संख्यावाचक विशेषण
जिससे निश्चित संख्या का पता चले, उसे निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।
1. गणनावाचक
एक, दो, तीन, चार, पाँच आदि।
उदाहरण:
कक्षा में तीन विद्यार्थी बैठे हैं।
2. क्रमवाचक
पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा आदि।
उदाहरण:
राहुल ने पहला स्थान प्राप्त किया।
3. आवृत्तिवाचक
दुगुना, तिगुना, चौगुना आदि।
उदाहरण:
इस वर्ष उसे दुगुना लाभ हुआ।
4. समूहवाचक
दोनों, पाँचों, सातों आदि।
उदाहरण:
दोनों भाई स्कूल गए।
(ख) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
जिससे किसी संज्ञा की निश्चित संख्या का पता न चले, उसे अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।
जैसे—
- कुछ
- कई
- अनेक
- थोड़े
- बहुत
- सारे
उदाहरण
- कुछ बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।
- पेड़ से कई पत्ते गिर गए।
- बहुत लोग मेले में आए।
- मेरे पास कई किताबें हैं।
- कुछ विद्यार्थी कक्षा में बैठे हैं।
संख्यावाचक और परिमाणवाचक विशेषण में अंतर
संख्यावाचक विशेषण का प्रयोग सामान्यतः गिनी जा सकने वाली वस्तुओं की संख्या बताने के लिए किया जाता है, जबकि परिमाणवाचक विशेषण किसी ऐसी वस्तु की मात्रा या माप बताते हैं जिसे सीधे गिना नहीं जाता।
| संख्यावाचक विशेषण | परिमाणवाचक विशेषण |
|---|---|
| तीन बच्चे | तीन किलो चावल |
| पाँच किताबें | पाँच लीटर दूध |
| दो पेड़ | दो मीटर कपड़ा |
| कई लोग | बहुत पानी |
| कुछ विद्यार्थी | थोड़ा दूध |
उदाहरण
- उसने कुछ फूल तोड़े। → संख्यावाचक
- कक्षा में कई विद्यार्थी हैं। → संख्यावाचक
- राम ने तीन किलो चावल खरीदे। → परिमाणवाचक
- माँ ने पाँच लीटर दूध खरीदा। → परिमाणवाचक
- दादाजी ने बहुत अनाज खरीदा। → परिमाणवाचक
4. सार्वनामिक या संकेतवाचक विशेषण
जब कोई सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा के साथ आकर उसकी ओर संकेत करता है, तो वह सार्वनामिक या संकेतवाचक विशेषण कहलाता है।
उदाहरण
- यह घर मेरा है।
- वह लड़का बहुत होशियार है।
- इस विद्यार्थी ने अच्छा काम किया।
- वे युवक बाजार जा रहे हैं।
- कोई छात्र यहाँ बैठा है।
इन वाक्यों में यह, वह, इस, वे और कोई संज्ञा के साथ प्रयुक्त होकर उसकी ओर संकेत कर रहे हैं, इसलिए ये सार्वनामिक विशेषण हैं।
सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण में अंतर
सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होता है, जबकि सार्वनामिक विशेषण संज्ञा के साथ आकर उसकी विशेषता या संकेत बताता है।
उदाहरण
वह खेल रहा है।
यहाँ वह किसी व्यक्ति के नाम के स्थान पर आया है, इसलिए यह सर्वनाम है।
वह लड़का खेल रहा है।
यहाँ वह शब्द ‘लड़का’ संज्ञा के साथ आया है और उसकी ओर संकेत कर रहा है, इसलिए यह सार्वनामिक विशेषण है।
कुछ और उदाहरण
- वह जा रहा है। → सर्वनाम
- वह बालक जा रहा है। → सार्वनामिक विशेषण
- किसी ने मुझे बुलाया। → सर्वनाम
- किसी विद्यार्थी ने मुझे बुलाया। → सार्वनामिक विशेषण
- वे पढ़ रहे हैं। → सर्वनाम
- वे विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। → सार्वनामिक विशेषण
5. व्यक्तिवाचक विशेषण
जब किसी व्यक्तिवाचक संज्ञा या स्थान के नाम से प्रत्यय आदि लगाकर विशेषण बनाया जाता है और वह किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान की विशेषता बताता है, तो उसे व्यक्तिवाचक विशेषण कहते हैं।
उदाहरण
- जयपुर → जयपुरी पगड़ी
- जापान → जापानी मशीन
- कश्मीर → कश्मीरी सेब
- भारत → भारतीय संस्कृति
- बंगाल → बंगाली मिठाई
इनमें जयपुरी, जापानी, कश्मीरी, भारतीय और बंगाली व्यक्तिवाचक विशेषण हैं।
विभाववाचक विशेषण
कुछ व्याकरण पुस्तकों में विभाववाचक विशेषण को भी विशेषण का एक भेद माना जाता है।
जैसे—
- प्रत्येक बालक
- हर विद्यार्थी
- प्रत्येक व्यक्ति
- हर एक छात्र
इनमें प्रत्येक और हर जैसे शब्द किसी व्यक्ति या वस्तु के संबंध में व्यापकता या वितरण का भाव प्रकट करते हैं।
विशेष्य क्या है?
जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता कोई विशेषण बताता है, उसे विशेष्य कहते हैं।
सरल शब्दों में—
विशेषण → विशेषता बताता है
विशेष्य → जिसकी विशेषता बताई जाती है
उदाहरण
सुंदर फूल खिला है।
- सुंदर → विशेषण
- फूल → विशेष्य
इसी प्रकार—
- चाय मीठी है। → चाय = विशेष्य
- राधा सुंदर है। → राधा = विशेष्य
- वह ईमानदार व्यक्ति है। → व्यक्ति = विशेष्य
- विशाल कुशल अधिकारी है। → अधिकारी = विशेष्य
विशेषण और विशेष्य में अंतर
| विशेषण | विशेष्य |
|---|---|
| जो विशेषता बताता है | जिसकी विशेषता बताई जाती है |
| संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है | संज्ञा या सर्वनाम होता है |
| जैसे—सुंदर | जैसे—फूल |
| जैसे—ईमानदार | जैसे—व्यक्ति |
उदाहरण:
“ईमानदार व्यक्ति पुरस्कार जीत गया।”
- ईमानदार → विशेषण
- व्यक्ति → विशेष्य
प्रविशेषण क्या है?
जो शब्द किसी विशेषण की विशेषता को और अधिक स्पष्ट करता है, उसे प्रविशेषण कहते हैं।
उदाहरण
राम बहुत मेहनती लड़का है।
यहाँ—
- मेहनती → विशेषण
- बहुत → प्रविशेषण
- लड़का → विशेष्य
क्योंकि बहुत शब्द ‘मेहनती’ विशेषण की मात्रा को स्पष्ट कर रहा है।
प्रविशेषण के उदाहरण
- राम बहुत परिश्रमी है।
- अर्जुन अत्यंत वीर था।
- रोगी बिल्कुल ठीक है।
- यह गहरा हरा रंग है।
- खाना बहुत स्वादिष्ट है।
- ऋषभ थोड़ा कमजोर है।
इन वाक्यों में बहुत, अत्यंत, बिल्कुल, गहरा और थोड़ा प्रविशेषण के रूप में प्रयुक्त हुए हैं।
प्रविशेषण और विशेष्य में अंतर
प्रविशेषण किसी विशेषण की विशेषता या मात्रा को स्पष्ट करता है, जबकि विशेष्य वह संज्ञा या सर्वनाम है जिसकी विशेषता बताई जाती है।
उदाहरण—
बहुत सुंदर फूल
- बहुत → प्रविशेषण
- सुंदर → विशेषण
- फूल → विशेष्य
विशेषण की अवस्थाएँ
विशेषण की तुलना के आधार पर सामान्यतः तीन अवस्थाएँ बताई जाती हैं—
1. मूलावस्था
जब किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण की तुलना किसी दूसरे से नहीं की जाती, तो उसे मूलावस्था कहते हैं।
उदाहरण
- सुरेश एक कुशल कारीगर है।
- रजनी अच्छी लड़की है।
- सलमान गोरा है।
यहाँ किसी अन्य व्यक्ति या वस्तु से तुलना नहीं की गई है।
2. उत्तरावस्था
जब दो व्यक्तियों या वस्तुओं के गुणों की तुलना की जाती है, तो उसे उत्तरावस्था कहते हैं।
उदाहरण
- राम मोहन से अधिक होशियार है।
- यह घर उस घर से बड़ा है।
- सीमा राधा से सुंदर है।
यहाँ दो व्यक्तियों या वस्तुओं के बीच तुलना की गई है।
3. उत्तमावस्था
जब तीन या तीन से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओं में किसी एक को गुण की दृष्टि से सबसे अधिक या सबसे कम बताया जाता है, तो उसे उत्तमावस्था कहते हैं।
उदाहरण
- मोहन कक्षा का सबसे होशियार छात्र है।
- यह इमारत शहर की सबसे ऊँची इमारत है।
- राधा सभी लड़कियों में सबसे सुंदर है।
प्रयोग के आधार पर विशेषण के भेद
वाक्य में विशेषण के प्रयोग के आधार पर इन्हें मुख्यतः दो रूपों में समझा जा सकता है—
1. उद्देश्य विशेषण
जो विशेषण अपने विशेष्य से पहले आता है, उसे उद्देश्य विशेषण कहा जाता है।
उदाहरण
सुंदर लड़की बाजार गई।
यहाँ सुंदर विशेषण है और यह ‘लड़की’ से पहले आया है।
2. विधेय विशेषण
जो विशेषण अपने विशेष्य के बाद आकर उसके बारे में विशेषता बताता है, उसे विधेय विशेषण कहते हैं।
उदाहरण
लड़की सुंदर है।
यहाँ सुंदर विशेषण है और ‘लड़की’ के बाद आया है, इसलिए यह विधेय विशेषण है।
एक और उदाहरण
वह बालक सुंदर है।
- वह → सार्वनामिक/संकेतवाचक विशेषण
- बालक → विशेष्य
- सुंदर → विधेय विशेषण
विशेषण की पहचान कैसे करें?
विशेषण पहचानने के लिए वाक्य में यह देखें कि कौन-सा शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम के बारे में कैसा, कितना, कितने, कौन-सा, किस प्रकार का आदि जानकारी दे रहा है।
उदाहरण
लाल फूल बहुत सुंदर है।
प्रश्न करें—
- फूल कैसा है? → लाल, सुंदर
- कौन-सा फूल? → लाल फूल
इसलिए लाल और सुंदर विशेषण हैं।
एक अन्य उदाहरण—
मेरे पास पाँच किताबें हैं।
प्रश्न करें—
- कितनी किताबें? → पाँच किताबें
इसलिए पाँच संख्यावाचक विशेषण है।
विशेषण और विशेष्य को याद रखने की आसान ट्रिक
“जो बताए विशेषता, वह विशेषण; जिसकी बताए विशेषता, वह विशेष्य।”
उदाहरण:
मीठा आम
- मीठा → विशेषण
- आम → विशेष्य
तीन बच्चे
- तीन → विशेषण
- बच्चे → विशेष्य
सुंदर लड़की
- सुंदर → विशेषण
- लड़की → विशेष्य
निष्कर्ष
विशेषण हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण शब्द-भेद है। यह संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता को स्पष्ट करता है। विशेषण के माध्यम से हमें किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के गुण, दोष, रंग, आकार, संख्या, मात्रा और अवस्था आदि के बारे में जानकारी मिलती है।
विशेषण के प्रमुख भेदों को समझने के साथ-साथ विशेष्य और प्रविशेषण को समझना भी जरूरी है। यदि आप उदाहरणों के साथ इनका अभ्यास करते हैं, तो विशेषण की पहचान करना काफी आसान हो जाता है।
FAQ: विशेषण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न
1. विशेषण किसे कहते हैं?
संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं।
2. विशेषण के कितने भेद होते हैं?
हिंदी व्याकरण में विशेषण के प्रमुख पाँच भेद माने जाते हैं—गुणवाचक, परिमाणवाचक, संख्यावाचक, सार्वनामिक/संकेतवाचक और व्यक्तिवाचक विशेषण।
3. गुणवाचक विशेषण क्या है?
जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, आकार, अवस्था, स्वाद आदि को बताते हैं, वे गुणवाचक विशेषण कहलाते हैं।
4. परिमाणवाचक विशेषण क्या है?
जो शब्द किसी वस्तु की मात्रा या माप-तौल का बोध कराते हैं, उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
5. संख्यावाचक विशेषण क्या है?
जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की संख्या या क्रम का बोध कराते हैं, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।
6. विशेष्य किसे कहते हैं?
जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता विशेषण द्वारा बताई जाती है, उसे विशेष्य कहते हैं।
7. प्रविशेषण क्या होता है?
जो शब्द किसी विशेषण की विशेषता को और स्पष्ट करता है, उसे प्रविशेषण कहते हैं। जैसे—बहुत सुंदर में ‘बहुत’ प्रविशेषण है।
8. सार्वनामिक विशेषण और सर्वनाम में क्या अंतर है?
जब सर्वनाम शब्द संज्ञा के साथ आकर उसकी ओर संकेत करता है, तो वह सार्वनामिक विशेषण कहलाता है। जब वही शब्द संज्ञा के स्थान पर अकेले प्रयोग होता है, तो वह सर्वनाम कहलाता है।
9. विशेषण की कितनी अवस्थाएँ होती हैं?
विशेषण की तीन अवस्थाएँ मानी जाती हैं—मूलावस्था, उत्तरावस्था और उत्तमावस्था।
10. “सुंदर फूल” में विशेषण कौन-सा है?
“सुंदर फूल” में सुंदर विशेषण और फूल विशेष्य है।
11. “पाँच किताबें” में विशेषण कौन-सा है?
“पाँच किताबें” में पाँच संख्यावाचक विशेषण है।
12. “थोड़ा पानी” में विशेषण कौन-सा है?
“थोड़ा पानी” में थोड़ा परिमाणवाचक विशेषण है।
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